Wednesday, May 13, 2026
Breaking Welcome to Free Gyan!

Raja Praja ki Kahani Hindi

Raja Praja ki Kahani Hindi

एक दिन राजा साहब अपने राज महल में बैठे हुए थे राजा साहब ने सोचा कि क्या मेरी प्रजा मेरे से खुश है क्या मेरे प्रजा में सुख शांति है उसने अपने मंत्री को बुलाया और राजा साहब यह बातें पूछने लगे तभी मंत्री ने कहा राजा साहब अगर जो आप प्रजा के बारे में जानना चाहते हैं तो आप को प्रजा के बीच में जाना होगा Raja Praja ki Kahani Hindi

और उन्हें के भेष में जाना होगा राजा साहब अगले दिन एक फकीर बन कर अपने प्रभाव के बीच में घूमने लगे राजा साहब जब मार्केट की तरफ गए तो देखा कि बहुत शांति थी और बहुत ही खुश थे सारे लोग तभी राजा साहब ने थोड़े से आगे बढ़े तो देखा कि बकरी के चरवाहा भी मधुर आवाज में गाना गाते हुए Raja Praja ki Kahani Hindi

अपने बकरी को चरा रहे थे तभी राजा साहब थोड़ी दूर और आगे बढ़े तो उन्होंने देखा कि कहीं से बहुत ही सुरीली आवाज में कोई गाना गा रहा था राजा साहब को बहुत अच्छी लगी राजा साहब ने उस आवाज के पीछे पीछे चल दिए तभी देखें कि एक घर के अंदर से वह आवाज आ रही थी

राजा साहब जब जाकर अंदर देखें तो यह छोटी सी बच्ची अपने मधुर आवाज में गाना गा रहे थे राजा साहब ने उस बच्ची का नाम पूछा तभी उसके पिता आ गए राजा साहब ने उसके पिता से कहा आपकी बच्ची बहुत ही सुरीली अब बहुत ही मधुर गाना गाती है बच्ची के पिता ने कहा तो तुम्हें क्या करना है

उससे राजा साहब को यह बात अच्छी नहीं लगी परंतु राजा साहब ने कुछ नहीं बोला और उस लड़की को एक सोने के सिक्के उपहार के रूप में दे दिया लड़की का पिता सोचने लगा यह आदमी बहुत अमीर लगता है क्यों नहीं से और मैं सोने के सिक्के ले लो तभी लड़की के पिता ने कहा मेरे बच्चे के गाने

भी सुन लिया तुमने और सिर्फ एक सोने का सिक्का दिया तुम्हें कम से कम 10 सोने के सिक्के देने होंगे राजा साहब ने कहा मैंने इसके कीमत नहीं लगाया है मैंने सिर्फ उपहार दिया है तभी लड़की के पिता ने कहा तुम्हें 10 सोने के सिक्के देने ही होंगे तभी राजा साहब ने कहा ठीक है तुम मेरे साथ

मेरे घर चलो मैं तुम्हें वहां 100 सोने के सिक्के दूंगा यह बात सुनकर लड़की का पिता राजा साहब के साथ चल दिया राजा साहब जब अपने राजमहल पहुंचे तब उस लड़की के पिता ने कहा यह क्या तुम राजा के महल क्यों लेकर आए हो हमें तभी राजा साहब ने कहा मैं यहीं पर काम करता हूं तुम अंदर तो चलो लड़की के

पिता अंदर चले गए राजा साहब जाकर अपने गद्दी पर बैठ गए लड़की का पिता सोचने लगा यह क्या यह राजा साहब है तभी राजा साहब और उनकी मंत्री हंसने लगे तभी राजा साहब का मंत्री बोला राजा साहब इसे सौ कोड़े बरसाए तभी राजा साहब बोले सौ कोड़े इसके लिए कम नहीं होंगे तभी मंत्री ने कहा

राजा साहब तब इसे काल कोठरी में डाल देते हैं लड़की का पिता राजा साहब के पैरों पर गिर कर माफी मांगने लगा तभी राजा साहब ने कहा ठीक है आइंदा से ऐसी गलती नहीं होनी चाहिए वरना तुम्हें 100 कोणों से भी ज्यादा बड़ी सजा मिलेगी तो कैसी लगी कहानी दोस्तों कमेंट करके जरूर बताइएगा आपको अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

Written by
admin
Staff writer at Gyan Free.

Leave a Comment