लालची लोमड़ी और गधे की कहानी – short story in hindi
एक दिन लालची लोमड़ी जंगल की तरफ जा रही थी तभी उसे एक गधा दिखाई दिया
गधे को देखकर लोमड़ी उसके पास गई और तभी लोमड़ी ने देखा
कि गधे के पास एक छोटा सा बकरी का बच्चा है short story in hindi
लोमड़ी बकरी के बच्चे को देखकर सोचने लगती है आज तो दावत ही हो गया ये अगर जो मुझे मिल गया तो मेरी भूख मिट जाएगी
लोमड़ी गधे से बोलता है अरे गधा भाई तुम्हारे बगल में एक बकरी का बच्चा है
इसे तुम कहां से लेकर आए हो
तभी गधा बोलता है अरे लोमड़ी भाई मैं इसे नहीं लाया बल्कि यह तो जंगल में खो गया है
इतनी बात सुनने के बाद लोमड़ी के मन में और भी ज्यादा लालच उत्पन्न होने लगता है
तभी लोमड़ी बोलती है अरे शायद मैंने इसकी मां को देखा है वह जंगल के उसे पर है एक काम करता हूं मैं इसे ले जाकर इसकी मां के पास छोड़ देता हूं
गधा जब लोमड़ी की बात सुनता है तो सोचने लगता है कि यह लोमड़ी तो बहुत ही ज्यादा चतुर है
कहीं यह बकरी के बच्चे को ले जाकर मारकर खा गया तब क्या होगा
और यह सोचकर गधा बोलता है लोमड़ी भाई तुम रहने दो माही इस जंगल के उसे पर छोड़कर आ जाता हूं
इस बात को जब लोमड़ी सुनती है तो सोचने लगती है
कि गधा अगर जो बकरी के बच्चे को ले गया तो उसे पता चल जाएगा कि मैं झूठ बोल रहा था तभी लोमड़ी बोलती है
अरे गधा भाई तुम इतना कष्ट क्यों करना चाहते हो अरे मैं भी उसी तरफ जा रही हूं
क्या तुम्हें मुझ पर भरोसा नहीं है
लोमड़ी की बात सुनकर गधा बोलता है
यह कैसी बात कर रहे हो लोमड़ी भाई मैं तुम पर भरोसा करती हूं परंतु यह बहुत ही प्यारा बच्चा है ऐसा लग रहा है जैसे मैं इसको बरसों से जानती हूंऔर मैं इस पोस पालकर बड़ा करना चाहती हूं
इस बात को सुन कर लोमड़ी सोचने लगती है कि
इस गधे को मैं कैसे समझाऊं कि मुझे बहुत जोरों से भूख लगी है और तभी लोमड़ी बोलती है
यह तो तुमने बहुत ही अच्छा सोचा है कि तुम इस बकरी के बच्चे को अपने पास रखना चाहते हो
परंतु इसकी मां तो इसे बहुत ही देर से इसे ढूंढ रही है और ऐसे में इसकी मां को जब पता चलेगा
कि तुम बकरी के बच्चे के बारे में ऐसा सोचते हो तो इसकी मां कितनी निराशा होगी
तुम मेरी बात मानो इस बकरी के बच्चे को मुझे दे दो मैं इसकी मां के पास पहुंचा देता हूं
गधा लोमड़ी की बात सुनकर वह सब समझ जाता है परंतु गधा करता भी तो
क्या करता और वह सोचने लगता है कि लोमड़ी को अपने पास से कैसे भागों
और तभी गधा बोलता है
अरे लोमड़ी भाई मैं तो तुम्हें एक बात बताना ही भूल गया यह जो बकरी का बच्चा है
ये जंगल के राजा शेर का बहुत ही अच्छा दोस्त भी है और यह शेर राजा से बिना मिले यहां से नहीं जाएगा
मुझे लगता है कि शेर राजा भी आते ही होंगे इस बात को सुन कर लोमड़ी डर जाती है
और गधे से बोलता है अरे गधे भाई मैं तो भूल ही गई थी मुझे तो जंगल के उसे पर जाना है
वहां पर मेरा दोस्त मेरा इंतजार कर रहा है मैं जल्दी से निकलती हूं वरना देर हो जाएगी
और लोमड़ी दौड़कर वहां से भाग जाता है
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है
हमें बुरे वक्त में घबराना नहीं चाहिए हमें डटकर वहां खड़े रहना चाहिए
और अपने दिमाग का इस्तेमाल करकेवहां से निकलना चाहिए short story in hindi