Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the litespeed-cache domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/ccxzqzby/public_html/gyanfree.com/wp-includes/functions.php on line 6260
my love story | हमारी अधूरी कहानी - Gyan Free
Tuesday, October 27, 2026
Breaking Welcome to Free Gyan!

my love story | हमारी अधूरी कहानी

my love story | हमारी अधूरी कहानी

हमारी अधूरी कहानी कहते हैं दोस्तों लोग तो आपसे प्यार करते हैं लेकिन मैंने एक गलती किया कि मैं दिल से प्यार किया और आंखों तक पहुंचा तो आइए चलिए आज हम आपको अपनी लव स्टोरी बताते हैं वह लव स्टोरी शायद आपकी आंखों में आंसू आ जाए कभी-कभी मैं भी सोचता हूं तो मेरे आंखों में भी आंसू ए आ जाती हैं my love story

कुछ खास पुरानी बातें नहीं है सन 2011 की बात है मैं उस समय पंजाब में रहता था अपने दोस्तों के साथ वहां पर मैं एक किराए के घर में रहता था और वहां पर रहते रहते हैं एक दोस्त से मुलाकात हुई जो एक मोबाइल का दुकान चलाता था एज में तो काफी बड़े थे वह हमसे लेकिन फिर भी एक अच्छे दोस्त थे वह एक लड़की से बात करते थे मैं भी उनके दुकान पर जब रहता तो मुझे भी my love story

बात करने के लिए दे देते थे इसी तरह बात करते करते हैं काफी समय गुजर गया कहे तो दो तीन महीने तभी अचानक मैंने गर्लफ्रेंड के मोबाइल पर कॉल किया तो मुझे एक लड़की से बात हुई काफी अच्छी थी बात करने में भी अच्छी थी दिल की गहराइयों से देखा तो बहुत खूबसूरत थी

हम दोनों एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त बन गए रोजाना हम लोग डेढ़ से 2 घंटे बात करते थे कभी-कभी तो 3 घंटे भी हो जाते थे लेकिन फिर भी लगता था कि हमने कुछ बात ही नहीं किया है इस तरह से दो-तीन दिन गुजर गए तभी अचानक उन्होंने यह कहा कि हम आपके हैं कौन सच पूछिए दोस्त उस समय मैं भी सोच में पड़ गया और मैंने कहा जो नाम देना चाहती हैं वह दे सकते हैं तभी उन्होंने कहा क्या हम इस को प्यार का नाम दे सकते हैं

मैंने कहा क्यों नहीं और तब से एक अच्छे दोस्त से एक अच्छी गर्लफ्रेंड हो गई और हम लोग की बातचीत होने लगी लेकिन कहते हैं ना दोस्तों कि प्यार में जुदाई नहीं तो प्यार का मजा ही क्या है और एक दिन जुदाई बी आई जब वह अपने हॉस्टल जा रही थी मैंने उनके आवाज को रिकॉर्ड करके रख लिया था ताकि जब भी उनकी याद आएगी मैं उस रिकॉर्डिंग को सुन लिया करूंगा अगले दिन हो जाने वाली थी और मैं इस बात से बहुत दुखी था आंखों से तो नहीं देखा था

लेकिन दिल की गहराई से जरूर देखा था कहते हैं ना दोस्तों प्यार अंधा होता है जब वह हॉस्टल अपने चली गई कुछ दिन बाद मेरा मन नहीं लग रहा था मैंने फिर से अपनी दोस्त के गर्लफ्रेंड के पास कॉल किया और उनसे रिक्वेस्ट किया कि हमें प्लीज एक बार बात करा दीजिए बहुत रिक्वेस्ट करने के बाद उन्होंने बात करने के लिए तैयार हो गई और उन्होंने एक नया नंबर दिया और उस पर मैंने कॉल कॉन्फ्रेंस किया तब मुझे बात हुई उनसे लेकिन फिर भी

प्यार में जुदाई तो होनी ही थी फिर एक ऐसा समय आया जो लगभग हम दोनों एक दूसरे से 6 महीने के लिए बिछड़ गया क्योंकि जो नंबर मैं चलाता था वह नंबर चोरी हो गया जो कि मेरे नाम पर रजिस्टर्ड नहीं था और मैंने उस नंबर का सिम कार्ड भी नहीं ले पाया इस तरह से हम दोनों एक दूसरे से दूर रहे लेकिन मुझे पक्का यकीन था एक ना एक दिन फिर से हमारी बातें जरूर होंगे उनके मामी का नंबर मुझे याद था और वह अपने मामी के गांव रहते थे

मैंने उनके मामी के नंबर पर एक मैसेज छोड़ा मैसेज में लिखा अपना नाम और सेंड कर दिया लगभग 1 हफ्ते गुजर गए लेकिन मुझे पक्का यकीन था कि वो एक ना एक दिन मैसेज को जरूर देखेंगे और मेरे पास कॉल करेंगे लगभग 14 दिन गुजर गए थे तभी अचानक एक नए नंबर से कॉल आया और वह नया नंबर किसी और का नहीं था

उन्हीं का था फिर हम दोनों की बातें होनी स्टार्ट हो गई जब मैं थोड़ी सी भी कुछ कहता तो रो पड़ती बिछड़ने का तो नामोनिशान नहीं था फिर हम लोग की एक ऐसी इंतहान के दिन आए जिसमें हम दोनों को मिलना था मैं इसके लिए तैयार भी था और मैं अगले दिन ट्रेन पकड़ा उनके शहर चला गया लेकिन वह नहीं जाए मैं रेलवे स्टेशन पे बैठकर उनके पास कॉल करता रहा बात करता रहा बुलाता रहा लेकिन कोई आने वाला नहीं था

उनके घर से इसलिए वह हमसे मिलने नहीं आ पाए मैं लगभग 72 घंटे रेलवे स्टेशन पर बैठ कर इंतजार करता रहा पागलों की तरह तब मैंने सोचा कि मुझे आप चलना चाहिए और उसके बाद मैंने अपने गांव का ट्रेन पकड़ा और अपने गांव लौट गया मुझे निराशा थी इस बात की कि मेरी मुलाकात नहीं हो पाई थी लेकिन पछतावा नहीं था क्योंकि मैं उनका शहर घुमाया था

उसके बाद दोबारा फिर से सन 2013 में फिर से मुलाकात करने का प्लान इन किया लेकिन इस बार ठीक उल्टा हुआ वह स्टेशन पर सुबह 9:00 बजे पहुंच गए और मेरी ट्रेन लेट होने के कारण से मैं उनके शहर वाले रेलवे स्टेशन पर शाम को 4:00 बजे पहुंचा जब मैं उन्हें पहली बार देखा तुम मुझे लगा कि मैं शायद इनके लायक नहीं हूं

क्योंकि वह काफी ब्यूटीफुल थी और मैं सावला था लेकिन कहते हैं ना दोस्त प्यार तो अंधा होता है गोरा और सावला थोड़ी देखता है मैंने उनसे फोन पर कहा भी कि मैं आपके लायक नहीं हूं लेकिन वह सिर्फ एक ही जिद पर थी कि प्लीज एक बार सामने आ जाइए मैं लास्ट में डरते डरते हैं उनके सामने चला गया और मैं उस समय काफी नर्वस था

मेरे हाथ पैर भी काप रा है थे और मैंने उनके साथ पहली बार बैठकर उनके हाथों से होटल में खाना खाया था कसम से मुझे तो लगा था कि दुनिया इतने में ही है और मैं फिर उनको उनके घर के करीब तक छोड़ने लेकर चला गया फिर से नेक्स्ट मुलाकात हम लोग के सन 2013 में ही अक्टूबर महीने में हुई और इस बार में उनके रिलेशन वाला बनकर उनके घर चला गया और वहां पर मैंने बातचीत किया मुझे लगता था कि मेरा लाइफ पार्टनर मुझे मिल गया है

लेकिन तभी एक ऐसी आंधी आई जो सब कुछ बर्बाद कर दी दिसंबर 2013 सब कुछ बर्बाद हो गया उनको किसी और लड़के से प्यार हो गया जो लड़कियां मैं यह क्वॉड बोलता था रोने लगते थे मुझसे बिछड़ने के नाम नहीं लेते थे वह लड़की मुझे छोड़ कर किसी और से प्यार कर ले मैं लगभग 3 महीने सदमे में था मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता था

ऐसा लगता था कि जैसे मुझसे मेरा रब ही रूठ गया है और उसके बाद लड़कियों पर से मेरा भरोसा ही उठ गया पता नहीं क्यों उसके बाद मैं लड़कियों से नफरत करने लगा जब मैं अपने दोस्तों को गर्लफ्रेंड ओं से बात करते हुए देखता था मैं कहता था टेंशन मत लो दोस्तों तुम्हारा भी एक दिन आएगा तो कैसी लगी दोस्तों हमारी लव स्टोरी कमेंट करके जरूर बताइएगा आपको अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद

Written by
admin
Staff writer at Gyan Free.

Leave a Comment