chamagaadar aur chaand Hindi Kids Story
चमगादर और चांद दोस्तों बहुत समय पहले एक जंगल में एक चमगादड़ रहता था जिसका नाम था एलेक्स हर चमगादर की तरह इलेक्शन रात को बहुत अच्छे से उड़ लेता था पूरी रात वह जंगल के ऊपर उड़ता और सुबह होते ही अपने गुफा में वापस चला आता एक सुबह एक चिड़िया ने पूछा एलेक्स इतनी जल्दी तुम कैसे आ गए आज कुछ खाने पीने के लिए नहीं मिला तभी एलेक्स ने जवाब दिया कि तुम हमेशा खाने पीने के बारे में ही सोच सकते हो क्या तुम्हें पता है कि मैंने आज कल क्या किया किया चिड़िया पूछती है क्या उसके बाद एलेक्स ने बोला कबूतर मेरे दोस्त मैं रात को उड़ता ही जा रहा था और फिर मैं अचानक बहुत दूर चला गया फिर मैंने महसूस किया कि यह मेरा जंगल ही नहीं है वह बहुत ही ठंडी जगह थी और एक बार के लिए तो मैं भी डर ही गया था
तभी एक बहुत बड़ी और सफेद चीज मेरे सामने आए जो हजारों बल्ब जैसी रोशनी दे रही थी तभी चिड़िया पूछती है वह क्या था तब तक इलेक्शन जगह जवाब दिया तुम्हें अभी तक समझ में नहीं आया वह चांद था कबूतर मेरे दोस्त मैं कल चांद तक घूम कर आया हूं कबूतर पूछता है सच में तुमने चांद को छुआ मैं बाकी सब को भी जा रही हूं बताने और कबूतर दौड़े-दौड़े जाती है तब तक एक खरगोश मिलता है खरगोश से बोलती है तुम्हें एक चीज पता है हमारे दोस्त चमगादड़ ने कल रात को चांद को हाथ लगाया है तभी एक आगे बढ़ती है चिड़िया तो एक गधा मिलता है गधे से भी बोलती है एलेक्स ने कल रात को चांद को हाथ लगाया है तब तक आगे कुछ बढ़ती है तो एक हाथी मिलती है हाथी से भी वह कहती है कल रात को एलेक्स चांद पर होकर आया है और जल्द ही यह सारी बातें सबको पता चल गई एलेक्स चांद को छूकर आया है