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Bhoot Wali Kahani - Gyan Free
Tuesday, October 27, 2026
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Bhoot Wali Kahani

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Bhoot Wali Kahani

एक बार की बात है एक मणिपुर नामक गांव था उस गांव में एक जग्गू नामक गरीब व्यक्ति रहता था

वह एक बहुत बड़े व्यापारी के घर पर काम करता था जिसका नाम शांतु था

एक दिन क्या हुआ की जग्गू हमेशा की तरह

अपने मालिक शांतु के घर पर काम करने के लिए जा रहा था

लेकिन जिस रास्ते से वह जाता था

उस रास्ते पर काम चल रहा था इसलिए जग्गू दूसरे रास्ते से जाने लगा तभी उसे कुछ दूर चलने पर रास्ते में

एक बड़ा सा आलीशान बंगला दिखा

और जग्गू के अंदर भी ऐसा ही आलीशान बंगला बनवाने का उत्सुकता उठी वह दौड़ते

हुए अपने मालिक शांतु के घर गया और बोला मालिक मैंने

आज तक जितने भी पैसे कमाए हैं मुझे दे दीजिए पैसों का नाम सुनकर शांतु बौखला गया और जग्गू से कहने लगा तुमने

आज तक जितना भी कमाया है वह तो तुम्हारे पूर्वजों के कर्ज चुकाने में ही

खत्म हो गए तुमने आज तक कुछ कमाया ही नहीं है

जाओ और जंगल से लकड़ियां लेकर आओ मेरा समय खराब मत करो इतना सुनने के बाद जग्गू जंगल लकड़ी लाने चला गया और जंगल जाकर

एक पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगा तभी उस पेड़ के ऊपर रहने

वाला भूत जग्गू को रोते देख कर नीचे आया और बोला छोटे भाई तुम क्यों रो रहे हो

क्या समस्या तुम्हारी मुझे बताओ जग्गू ने सारी बात बताई जग्गू की बात सुनकर

पेड़ वाला भूत बहुत ही गुस्सा हो गया और जग्गू के मालिक शांतु को मारने के लिए धमकी देने लगा लेकिन

जग्गू साफ दिल का था इसलिए वह बोला भूत भाई मेरे मालिक को मारो मत बस उन्हें किए की सजा दे दो जग्गू का

साफ दिल देखकर भूत बहुत ही प्रसन्न हुआ और जग्गू से बोला तुम या कुछ लकड़िया लो

अपने मालिक के पास जाओ और ऐसा दिखावा करो कि तुम्हें जंगल में कुछ मिला है और दिन भर में

तुम तीन से चार बार आना जंगल में जैसा कि भूत ने बोला था जग्गू को जग्गू ने

वैसा ही किया अपने मालिक के पास गया और कुछ अलग ही ढंग में बात करने लगा जग्गू चाल ढाल देखकर शांतु को

कुछ कुछ जग्गू अलग सा दिखा और जैसा कि भूत ने सोचा था वैसा ही

हुआ शांतु को शक होने लगा जग्गू रोज तीन से चार बार जंगल जाने लगा

एक बार क्या हुआ कि जग्गू जंगल जा रहा था

तभी उसके पीछे पीछे उसका मालिक शांतु भी जाने लगा जग्गू के पीछे शांतु को आते देख भूत बहुत ही प्रसन्न हुआ

और अपने प्लेन के अनुसार जग्गू के आगे एक बड़ा सा सोने का थैला गिरा दिया थैला

देखते ही शांतु के मन में लालच आ गया और वह दौड़ कर जग्गू को धक्का देकर

वह थैला उठा लिया और जैसे ही वह थैला खोला शांतु ने

उस थैले में सोने के बदले ईटे थे थैले के अंदर ईट देखकर शांतु भावुक हो गया

तभी पेड़ से भूत नीचे आया और शांतु से बोला पापी आदमी इसमें बहुत सारे सोने थे

तुम्हारे छूने से यह पत्थर में बदल गए अब मैं तुम्हें नहीं छोडूंगा तुम्हें मार दूंगा इतना सुनने के बाद सान तूने बोला

भूत से मेरे पास जितना भी धन है मैं तुम्हें सारा दे दूंगा मुझे छोड़ दो भूत ने

शांतु को एक घंटे का समय दिया शांति एक घंटे में अपनी सारे पैसे सोने चांदी जेवरात सारे लाकर भूत को दे दिए और वहां से शांतु तुरंत

भाग गया शांतु के जाने के बाद वह सारे पैसे सोने चांदी जेवरात भूत ने जग्गू को दे दिए

और वह सारे धन लेकर जग्गू अपने घर गया और जो सपना उसका था उसको उसने पूरा किया 

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Staff writer at Gyan Free.

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