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a short story in hindi - Gyan Free
Tuesday, October 27, 2026
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a short story in hindi

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एक बार की बात है एक जंगल में एक भालू रहता था

जिसका नाम  कालू था वह बहुत ही शक्तिशाली था उसके पास इंसानों की भाषा समझने की शक्ति थी

और वह भालू उस जंगल में राज करता था उसके सामने शेर भी कुछ नहीं बोल पाता था

क्योंकि वह कालू भालू बहुत ही ताकतवर था

एक बार क्या हुआ कि कालू भालू को अपने शक्तियों पर बहुत ही घमंड हो गया था

और वह जंगल के जानवरों पर राज करता था लेकिन उसको इंसानों पर भी राज करना था

इसलिए वह एक दिन इंसानों की बस्ती के लिए सुबह निकला और चलते चलते शाम हो गई और वह इंसानों की बस्ती में पहुंच गया कालू भालू

गांव में बहुत घुमा पर सारे लोग सो गए थे लेकिन गांव के बाहर एक छोटी सी कुटिया थी

उस कुटिया में एक बूढ़ा व्यक्ति और उसकी बेटी रहते थे

और उनके पास एक गधा भी था जोकि उनके पेट भरने में काम आता था

उस गधे से गांव के लोगों का सामान ढोकर दूसरे गांव में पहुंचाते थे उससे उन्हें पैसे मिलते थे

लेकिन कुछ दिनों से उनका गधा भी बीमार था गधे की दवाई लेने के लिए बूढ़े व्यक्ति की बेटी डॉक्टर के पास गई तभी

कुछ देर बाद गांव का सरपंच आया और बूढ़े व्यक्ति से बोला बाबाजी मेरे कुछ सामान है

जो कि दूसरे गांव में पहुंचाने हैं बहुत ही आवश्यकता है

अगर आप पहुंचा देते हैं तो जो रकम मांगेंगे वह मैं आपको देने के लिए तैयार हूं 

लेकिन बूढा व्यक्ति अंधा था लेकिन कोई भी रकम क नाम सुनकर वह उठ खड़ा हुआ और सरपंच से बोला आप जाइए

मैं आपका सामान पहुंचा देता हूं बूढ़ा व्यक्ति उठा और मुंह धोने के लिए नल के पास गया तभी उधर से कालू भालू आ रहा था

घूम घूम कर उसे भूख लग गई तभी उस कुटिया के पास कालू भालू को एक गधा बना हुआ दिखा वह दौड़ कर गया

और उस गधे को खा गया गधा बड़ा था इसलिए कालू भालू खाने के बाद वहीं पर बैठ गया

और आराम करने लगा तभी बूढ़ा व्यक्ति आया और कालू भालू को गधा समझकर कान पकड़कर खींचने लगा कालू भालू

यह देखकर डर गया और सोचने लगा या कौन व्यक्ति है जो एक भालू से भी

नहीं डर रहा कालू भालू अभी सोच ही रहा था सभी

बूढ़ा व्यक्ति अपना छड़ी उठाया और कालू भालू को गधा समझकर 2 डंडे गिराया और खींच कर कालू

भालू के ऊपर सरपंच का सामान रखकर बांध दिया सामान बहुत भारी था

कालू भालू लेकर सामान नहीं चल पा रहा था और सामान जल्दी पहुंचाना था

दूसरे गांव इसलिए बूढ़ा व्यक्ति कालू भालू को डंडे मार मार कर जल्दी-जल्दी कैसे भी कर कर दूसरे गांव पहुंचा दिया दूसरे गांव पहुंचने के बाद सरपंच का

सामान लेकर बूढ़ा व्यक्ति सरपंच के घर में पहुंचा ने गया तभी कालू भालू सोचने लगा की इंसानों पर

राज करना उसके मेरे बस का नहीं है और वह पीछे मुड़कर तेजी रफ्तार से जंगल की ओर भाग गया

तभी बूढ़ा व्यक्ति बाहर आया और कुछ लोगों से पूछा भाई मेरा यहां गधा था

कहां गया एक आदमी ने बोला तुम अंधे हो क्या वह गधा नहीं भालू था और

वह बहुत तेजी से जंगल की ओर भागा है यह सुनकर बूढ़ा व्यक्ति भावुक हो गया

और अपने घर आया और अपनी बेटी को सारी बातें बताइ यह सुनकर बूढ़े व्यक्ति की बेटी बोली कोई बात नहीं पिताजी हमें जो पैसे मिले हैं

उनसे हम बहुत सारे गधे खरीद सकते हैं भालू का सपना टूट गया

और वह कभी मुड़कर इंसानों की बस्ती की ओर नहीं गया और उसकी राज करने की तमन्ना भी खत्म हो गई

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Staff writer at Gyan Free.

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