Wednesday, May 13, 2026
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Adhuri Prem Kahani in Hindi

Adhuri Prem Kahani in Hindi

Adhuri Prem Kahani in Hindi
Adhuri Prem Kahani in Hindi

एक अधूरी प्रेम कहानी एक बार एक लड़का जिसका नाम था सतीश वह अपने गांव से शहर काम करने के लिए जा रहा था उसी दौरान सतीश ने देखा कि रोड पर एक एक्सीडेंट हुआ था Adhuri Prem Kahani in Hindi

एक लड़की थी वह बहुत ही खूबसूरत थी उस लड़की का नाम सुमन था लड़की की कोई मदद नहीं कर रहा था सिर्फ वहां खड़े होकर लोग तमाशा देख रहे थे

तभी वह लड़का आया उस लड़की को उस हालत में देखा सतीश फौरन उसको अपने कंधे पर उठाया और उसे हॉस्पिटल की तरफ ले जाने लगा बहुत से गाड़ियों

से लिफ्ट भी मांगी बहुत से ऑटो से भी बोला परंतु कोई मदद नहीं किया अकेला सतीश 3 किलोमीटर दूर तक पैदल चल कर उसे हॉस्पिटल ले गया और वहां भर्ती कर दिया परंतु सतीश भी गरीब था

क्योंकि उसके पास भी एक भी रुपया नहीं थी सिर्फ उसके पास किराए भाड़े के ही पैसे थे सतीश ने लड़की को हॉस्पिटल में भर्ती तो कर दिया उसका इलाज भी चलने लगा

उसी दौरान डॉक्टर ने कहा की काउंटर पर जाकर ₹7000 जमा कर दो सतीश सोच में पड़ गया कि मेरे पास तो केवल ₹15000 ही है तभी उसने डॉक्टर से

बात की और डॉक्टर को बताया सर मैं बहुत जल्दी पैसे जमा कर दूंगा आप इनकी इलाज जारी रखिए और सतीश सोच में पड़ गया कि मैं पैसे लाऊं तो लाऊं कहां

से तभी सतीश ने निर्णय किया कि मैं अपना ब्लड बेच देता हूं जिससे कुछ पैसे मिल जाएंगे और हॉस्पिटल का बिल मैं चुका दूंगा और उसने नरसे से बात की और अपना ब्लड डोनेट किया उसमें

उसे ₹14000 मिले 14 का ₹14000 काउंटर पर जमा करा दिया और बोला सर प्लीज जल्दी से सही कर दीजिए ना लड़की के सर पर चोट लगी थी काफी लड़की इमरजेंसी में थी

3 दिन गुजर चुके थे सतीश डेली उसके पास बैठता और उससे बात करता हूं परंतु वह नहीं बोलते क्योंकि उसके मुंह में ऑक्सीजन लगी हुई थी अंदर ही अंदर लड़कियों से प्यार करने लगी थी

तभी एक दिन सुमन को अच्छी तरह से होश आ गया उस समय रात के 1:00 बज रहे थे सुमन ने सतीश को देखा तो सतीश उस समय सोया हुआ था सुमन बाथरूम

चली गई और जब बाथरूम से वापस आए तो सतीश वहां पर नहीं था सुमन ने सोचा कि इधर ही कहीं गए होंगे परंतु सतीश दोबारा लौट कर नहीं आया सुबह सुमन अपने घर वालों के पास फोन किया और अपने

घर वालों को सूचना दी घर वाले वापस आए हॉस्पिटल में तो उस समय सुमन अच्छी हो चुकी थी उसी समय डॉक्टर ने ₹4000 भी दिए सुमन को और कहा यह तुम्हारे पैसे बच गए थे

तुम्हारा इलाज केवल 10000 का ही हुआ है परंतु अब सोच में यह पड़ गए थे कि सतीश आखिर में वहां से गया क्यों तो आपको बता दे दोस्तों सतीश का तबीयत खुद खराब हो चुका था

ब्लड डोनेट करने की वजह से और सतीश यह नहीं चाहता था कि मेरे वजह से फिर से हॉस्पिटल में बिल बढ़ जाए इसीलिए सतीश वहां से चला गया लड़की बहुत ढूंढने की कोशिश की है

2 साल गुजर चुके हैं परंतु अभी तक सतीश का कोई अता पता नहीं है अगर जो दोस्तों आपको कुछ पता हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा आप सभी दोस्तों को अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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admin
Staff writer at Gyan Free.

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