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motivational love story in hindi - Gyan Free
Monday, October 26, 2026
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motivational love story in hindi

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एक सच्ची लव स्टोरी जो किसी के लिए मोटिवेशनल बन गया तो चलिए जानते हैं कि एक बेवफाई लव स्टोरी आखिर में मोटिवेशनल कैसे बन गया एक लड़का था

जिसका नाम सतीश था वह एक लड़की से बहुत प्यार करता था उस लड़की का नाम बबीता था वह दोनों एक दूसरे से बहुत ही प्रेम करते थे सतीश थोड़ा

गरीब घर से बिलॉन्ग करता था परंतु उसका दिल बहुत बड़ा था क्योंकि वह जब जब बबीता कुछ मानती थी सतीश उसे जरूर लाकर देता था और साथ में सतीश

अपने घर वालों का बहुत ख्याल रखता था एक दिन सतीश अपनी गर्लफ्रेंड बबीता से मिलने जा रहा था तभी उसने पार्क में देखा कि उसकी गर्लफ्रेंड किसी और लड़की के साथ बैठी हुई है

सतीश दूर से उसे कॉल किया और पूछा तुम कहां पर हो बबीता बोली कि मैं घर पर हूं सतीश ने कहा मैं सब कुछ देख लिया वह तुम्हारे साथ लड़का कौन था

बबीता बोली जब सब कुछ तुम देखे लिए हो तो फिर पूछ क्यों रहे हो सतीश को इस बात का बहुत दुख लगा तभी रास्ते से गुजर रहा था उसके हाथ में ढेर सारे फूल थे

एक भिखारी भीख मांग रहा था सतीश के पास पैसे तो नहीं थे भिखारी को देने के लिए परंतु फूल जरूर था उसने सारी फूल उस भिखारी के सामने रख दिया और वहां से चला गया

भिखारी सोचने लगा मैं इस फूल का क्या करूं फेंक देता हूं जब भिखारी उस फूल को फेंकने के लिए उठा ही रहा था तभी एक आदमी आया और बोला मुझे एक फूल दे दो और यह लो ₹10 इससे ज्यादा

मैं तुम्हें नहीं दे सकता हूं भिखारी ने एक फूल उठा कर दे दिया और उसे ₹10 मिले कुछ देर में उसके सारे फूल बिक गए भिखारी को समझ में आने लगा कि लोग ऐसे मांगने से कुछ नहीं देते हैं

क्यों ना मैं फुल ही लाकर यहां बैठ जाऊं ताकि मेरी कुछ कमाई हो सके और अगले दिन से भिखारी ढेर सारे फूल लेकर आकर बैठने लगा परंतु उसके फूल बहुत जल्दी खत्म हो जाते थे

क्योंकि वह पार्क कपिल लोगों के लिए था अपनी गर्लफ्रेंड को देने के लिए फूल वहां से लेते थे भिखारी दिन पर दिन फूलों का ठेला लगाने लगा धीरे-धीरे

वह दुकान खोल दिया फूलों का तभी सतीश उस दुकान पर फूल लेने पहुंचा वह भिखारी सतीश को देखकर पहचान गया और उसने फूल सतीश को दिया सतीश ने कहा कितने पैसे हो

गए भिखारी ने कहा मैं आपसे पैसे कैसे ले सकता हूं आप तो मेरे भगवान हो सतीश को बहुत अचंभा हुआ आखिर में मैं इसका भगवान कैसे हो सकता हूं तभी भिखारी ने कहा याद करिए

कुछ समय पहले यहां एक भिखारी भीख मांगता था और आपने उसे फूल दिया था आज मैं उस फूल के कारण स्कूल के दुकान का मालिक बन चुका हूं तभी सतीश ने कहा मैं

तुम्हारा भगवान नहीं हूं भगवान तो वह लड़की है जिसने मेरा दिल तोड़ा और मैं उसे फूल देने के वजह तुम्हें दे दिया परंतु वह भिखारी सतीश को ही भगवान क्यों बनाया

और उसी को भगवान क्यों बोलता था दोस्तों आपकी नजर में भगवान कौन है लड़का या लड़की दोस्तों मेरे समझ में तो कुछ नहीं आया मेरे समझ में आया कि लड़का

ही भगवान है कि फूल देखने के बजाय उस भिखारी को दे दिया तो कैसी लगी है स्टोरी दोस्तों हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा आप सभी को अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद

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Staff writer at Gyan Free.

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